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मध्य पूर्व में मौजूद है US Navy, USS अब्राहम लिंकन समेत 15 जहाज बढ़ा सकते हैं ईरान की परेशानी

 Published : Apr 14, 2026 12:43 pm IST,  Updated : Apr 14, 2026 12:43 pm IST

अमेरिका और ईरान में 2 सप्ताह का सीजफायर हो चुका है। सीजफायर के बीच अमेरिकी नैसेना के जहाज मध्य पूर्व क्षेत्र में मौजूद है। इनमें विमानवाहक पोत USS अब्राहम लिंकन और 11 विध्वंसक शामिल हैं।

US Navy- India TV Hindi
US Navy Image Source : AP

वॉशिंगटन: अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकेबंदी शुरू कर दी है। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर अमेरिकी नौसेना मध्य पूर्व क्षेत्र में कम से कम 15 जहाजों को तैनात रखे हुए है। इनमें विमानवाहक पोत USS अब्राहम लिंकन और 11 विध्वंसक शामिल हैं। ये जहाज ईरान के बंदरगाहों को घेरने में मदद कर सकते हैं।

अमेरिकी नौसेना के जहाज

अमेरिकी नौसेना के बेड़े में शामिल जहाजों के नाम हैं- USS बैनब्रिज, USS थॉमस हडनर, USS फ्रैंक ई. पीटरसन जूनियर, USS डेलबर्ट डी. ब्लैक, USS जॉन फिन, USS माइकल मर्फी, USS मिट्शर, USS पिंकनी, USS राफेल पेराल्टा, USS स्प्रुएन्स और USS मिलियस। इसके अलावा त्रिपोली एम्फीबियस रेडी ग्रुप भी क्षेत्र में है, जिसमें USS त्रिपोली, USS न्यू ऑरलियन्स और USS रशमोर शामिल हैं। कुछ सहायक जहाज भी हैं, लेकिन वे अभी पूरी तरह पहुंच नहीं पाए हैं। 

ट्रंप ने दिया है नाकेबंदी का आदेश

अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक ये जहाज बड़े इलाके में फैले हुए हैं, इसलिए यह अभी साफ नहीं है कि कौन से जहाज सीधे नाकेबंदी में लगाए जाएंगे। कुछ सहायक जहाजों को स्वेज नहर से या अफ्रीका का चक्कर लगाकर क्षेत्र में पहुंचना पड़ेगा। ट्रंप सरकार का कहना है कि अमेरिका अकेले भी इस दबाव को बनाए रखने में सक्षम है। यह कदम पाकिस्तान में हुई लंबी बातचीत के बाद उठाया गया है। इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच 21 घंटे से ज्यादा की चर्चा हुई थी लेकिन कोई समझौता नहीं हो सका। बातचीत विफल होने के बाद ट्रंप ने ईरान के सभी बंदरगाहों पर नाकेबंदी का आदेश दिया था।

'ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होगा'

ईरान पर आरोप है कि वह परमाणु हथियार बनाने की महत्वाकांक्षा नहीं छोड़ रहा है। ट्रंप ने साफ कहा कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होगा। उन्होंने कहा कि बातचीत में कई मुद्दों पर सहमति बनी लेकिन परमाणु कार्यक्रम पर ईरान नहीं माना। ट्रंप ने यह भी कहा है कि मुझे पूरा यकीन है कि वो अंत में मान जाएंगे और अगर ईरान नहीं माना तो कोई समझौता नहीं होगा।

ईरान के लिए हालात अच्छे नहीं होंगे: ट्रंप

अमेरिका ईरान के पास मौजूद एनरिच्ड यूरेनियम भी वापस लेना चाहता है। ट्रंप ने कहा है कि हम इसे वापस ले लेंगे, या तो वे देंगे या हम छीन लेंगे। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी पुष्टि की कि ईरान परमाणु हथियार छोड़ने का कोई वादा नहीं कर रहा है। ट्रंप ने पिछले सप्ताह 2 हफ्ते का सीजफायर घोषित किया था लेकिन बातचीत नाकाम होने के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सीजफायर खत्म होने तक समझौता नहीं हुआ तो ईरान के लिए हालात अच्छे नहीं होंगे।

क्या बोले ट्रंप?

जब पत्रकारों ने उनकी पुरानी धमकी के बारे में पूछा, जिसमें उन्होंने कहा था कि पूरी सभ्यता खत्म हो जाएगी तो ट्रंप ने ज्यादा टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। ट्रंप ने दावा किया कि कुछ दूसरे देश भी ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी में अमेरिका की मदद करने को तैयार हैं। हालांकि, उन्होंने देशों के नाम नहीं बताए। उन्होंने कहा, हमें उनकी जरूरत नहीं है, लेकिन उन्होंने अपनी सेवाएं पेश की हैं।

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